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विदर्भ में लुढ़का पारा

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विदर्भ में लुढ़का पारा

नागपुर, डिजिटल डेस्क. विदर्भ में चल रही सर्द हवाओं के कारण रात एवं दिन के तापमान में अचानक तेजी से गिरावट दर्ज हुई है। जिसके चलते सोमवार को गोंदिया का न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। जबकि दोपहर का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। गोंदिया के बाद वाशिम का  न्यूनतम तापमान 12.7 डिसे.और नागपुर का 12.8 डिग्री दर्ज किया गया है। विदर्भ के सभी जिलों में तापमान लुढ़का है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में भी कुछ गिरावट होने की संभावना है। अंचल के कई शहरों में  आसमान में बादल छाए रहने के कारण सुबह के समय सड़कों पर कोहरा नजर आने लगा है।

कहां, कितनी ठंड

शहर      न्यूनतम तापमान

गोंदिया    12.5

वाशिम    12.7

नागपुर    12.8

यवतमाल  13.0

चंद्रपुर     13.0

वर्धा      13.6

बुलढाणा   14.0

अमरावती  14.9

अकोला    15.3

और गिर सकता है पारा

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में विदर्भ इलाके में ठंड और धुंध अधिक बढ़ सकती है। सुबह और शाम के समय ठंड की तीव्रता अधिक हो रही है। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लोगों ने स्वेटर, मफलर और शॉल निकाल लिए हैं।

पचमढ़ी 6.4 डिसे.

उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। सोमवार सुबह कड़ाके की ठंड रही। प्रदेश में सबसे सर्द पचमढ़ी की रहा।यहां पारा 6.4 डिग्री पहुंच गया। यह इस सीजन में सबसे कम है।

तमिलनाडु में बाढ़

हिंद महासागर के पास तमिलनाडु के तटीय इलाके केप कोमिरन पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से दक्षिणी जिलों में पिछले दो दिनों से तेज बारिश हो रही है। नदियां और झीलें ओवरफ्लो हैं। दो झीलें फूट गईं। एनडीआरएफ के 250 जवानों को तैनात किया गया है। तमिलनाडु सरकार ने सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी। बैंकों को भी बंद करने का आदेश दिया गया है।

 

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अकोला में मिला ‘JN1’ का पहला मरीज

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नागपुर में भी मिले  कोरोना के 3 नए मरीज

वेब डेस्क .नागपुर. महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना से 2 और लोगों की मौत हो गई है। महाराष्ट्र में तीन महीने बाद कोरोना से कोई मौत हुई है। इसके अलावा कोरोना के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। कोरोना केसों की संख्या बढ़कर अब 87 हो गई है।

वहीं 10 लोगों में कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 की भी पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि महाराष्ट्र के ठाणे से 5, अकोला और सिंधदुर्ग से 1-1 जेएन.1 के मरीज मिले हैं। इसमें 8 पुरुष, 1 महिला और 9 साल का एक नाबालिग लड़का भी शामिल है। पुणे के जिस मरीज में जेएन.1 की पुष्टि हुई है वो हाल ही में अमेरिका की यात्रा पर गया था।

नागपुर में 5 एक्टिव मरीज

उपराजधानी में बुधवार को तीन नये कोरोना मरीज पाये गये। यहां एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या अब 5 हो गई है। इससे पहले शहर में एक 81 साल के बुजुर्ग और एक 60 साल की महिला में भी कोरोना की पुष्टि हुई थी।

इधर शिंदे सरकार ने राज्य में कोविड-19 पर एक टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया है। 7 सदस्यीय इस टास्क फोर्स  का नेतृत्व पूर्व आईसीएमआर प्रमुख डॉ. रमन गंगाखेडकर करेंगे।

सबसे ज्यादा पुणे में

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि नए मामलों में से, सबसे अधिक 39 पुणे सर्कल से, इसके बाद मुंबई सर्कल (36), नागपुर और कोल्हापुर सर्कल (4 प्रत्येक) और लातूर और छत्रपति संभाजीनगर सर्कल (2 प्रत्येक) से रिपोर्ट की गई.

 

 

साल 2020 में कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से महाराष्ट्र में कुल 81,72,287 मामले और 148,566 मौतें दर्ज की गई हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं.

JN.1 के  कितने मरीज?

देश में कोरोना के JN.1 वेरिएंट के 40 नए मामले सामने आए हैं और इसके साथ इस स्वरूप से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 109 हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में 36, कर्नाटक में 34, गोवा में 14, केरल में 6, राजस्थान और तमिलनाडु में 4-4 और तेलंगाना में 2 मामले सामने आए। ज्यादातर मरीज फिलहाल घर में क्वारेंटाइन में हैं।

अब तक 136 की मौत

महाराष्ट्र में 1 जनवरी, 2023 से अब तक कोविड से 136 मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें 60 साल से अधिक उम्र के 71 प्रतिशत से अधिक, बहुसंख्यक (84 प्रतिशत) अन्‍य बीमारियों के साथ और बाकी बिना किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के शामिल हैं। इस समय राज्य में कोविड से मृत्युदर 1.81 प्रतिशत है।

 

 

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सोलर कंपनी विस्फोट : शव के लिए बिलखते रहे लोग

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फैक्टरी को घेरा, पुलिस बल तैनात

अमरावती-नागपुर रोड किया जाम

नागपुर. जिले में रविवार सुबह विस्फोटक बनाने वाली एक फैक्टरी में धमाके के साथ बड़ा हादसा हो गया जिसमें 6 महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। बता दें कि उपराजधानी में पूरी सरकार मौजूद है। हालांकि रविवार होने से दोनों सदनों का कामकाज नहीं हुआ। लेकिन आज सोमवार को इस मामले पर जोरदार हंगामा होने के आसार हैं।

परिजनों ने किया जमकर हंगामा

हादसे के बाद पीड़ित परिवार के लोग अपने करीबियों के शव को देखने फैक्टरी के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया, जिससे वहां पर तनाव की स्थिति बन गई। हादसे के बाद परेशान कर्मचारियों के रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने फैक्टरी के मेन गेट को घेर लिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बाद में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया।

काफी देर तक शव वहीं फैक्टरी के अंदर ही रखे रहे। हादसे के शिकार कर्मचारियों के रिश्तेदारों और आक्रोशित लोगों ने शव देखने की मांग करते हुए अमरावती-नागपुर रोड को भी जाम कर दिया। उन्होंने फैक्टरी के मेन गेट के सामने नारे भी लगाए । वे अपने परिजनों के शव देखने के लिए परिसर के अंदर जाने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।बता दें कि सोलर इंडस्ट्रीज कंपनी सशस्त्र बलों के लिए ड्रोन और विस्फोटक बनाती है।

‘ कुछ नहीं चाहिए, बेटी का शव दे दो’

हादसे में एक परिवार ऐसा भी है जिसकी दुनिया ही उजड़ गई क्योंकि घर का मुख्य कमाने वाला ही चला गया। हादसे के बाद बुजुर्ग पिता नीलकंठराव सहारे किसी तरह घटनास्थल के पास पहुंचते हैं। सुबह 9.30 बजे उन्हें जानकारी मिलती है कि उनकी 22 साल की बेटी आरती भी उन 9 लोगों में शामिल है जिसकी हादसे में मौत हो गई। वह अपने परिवार की कमाने वाली एकमात्र सदस्य थी।

पिता नीलकंठराव कुछ दिन पहले लकवे के शिकार हो गए और तब से लंगड़ाकर चलते हैं। घर में बोलने-सुनने में अक्षम उसकी मां और छोटी बहन रहती है। सहारे कहते हैं कि वह अपनी बेटी का शव को देखने के लिए सुबह 9.30 बजे से ही फैक्ट्री के गेट के बाहर खड़े हैं लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिल रहा। निराश पिता ने कहा, “मुझे कुछ नहीं चाहिए, बस मेरी बेटी का शव मुझे सौंप दो।” उन्होंने कहा कि बेटी की मौत के बाद मेरी पूरी दुनिया ही उजड़ गई है।

मौत ने रोक लिया

हादसे में 2 बच्चों की मां, 32 साल की रुमिता उइके की भी जान चली गई। घटनास्थल के पास ही खैरी क्षेत्र में रहने वाली रुमिता को रविवार को  ही धामनगांव स्थित अपने पैतृक घर के लिए निकलना था। लेकिन उन्हें छुट्‌टी नहीं मिल सकी । पिता  देवीदास ने बताया कि रुमिता के दो बेटे हैं और उनका पति खेत मजदूर के रूप में काम करता है। देवीदास का भी कहना है, “हमें नहीं पता कि वे रुमिता का शव हमें कब सौंपा जाएगा। हम उसका इंतजार कर रहे हैं।”

5-5 लाख का मुआवजा

हादसे को लेकर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताते हुए इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और मौतों पर शोक व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी।

 

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ससुर ने दामाद का गला घोंटा

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  बेटी की पिटाई से था नाराज

अमरावती. विवाद  के चलते ससुर ने ही दामाद की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। यह घटना 14 जून को चिखलदरा ठाणे की सीमा में चुनखाडी में हुई थी। पत्नी ने पहले ही शक जताया था कि उसके पति की हत्या की गयी है।इस मामले में पुलिस ने ढाई माह बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर ससुराल पक्ष के 4 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर किया है। उनकी तलाश जारी है। मृतक का नाम संजू चन्नू जामुनकर (40) है। सोनाजी लोफ़े धिकार, भाकलू सोमा धिकार, केंडे सोमा धिकार और हटारू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

यह है मामला

पुलिस सूत्रों के मुताबिक संजू जामुनकर और पत्नी बुकली के बीच विवाद चल रहा था। जिसके चलते संजू ने बुकली की पिटाई कर दी थी। यह बात बुकली ने पिता को बताई। वे उसे अपने घर ले आए। इसके बाद जब दोनों के बीच विवाद शांत हुआ तो संजू अपनी पत्नी को अपने ससुराल ले आया।इसी बीच 13 जून को संजू जामुनकर बैंक केवाईसी कराने के लिए सेमाडोह गया था. गांव जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला तो वह चुंखड़ी स्थित अपने ससुर के पास चला गया। उस समय ससुर ने  बेटी को जबरन ले जाने के आरोप में संजू  की पिटाई कर दी। विवाद बढ़ने पर उसने संजू का गला घोंट दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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