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रोकड़े ज्वेलर्स के 5 वें शोरूम का केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया उद्घाटन

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वेब डेस्क, नागपुर. रोकड़े ज्वेलर्स के 5 वें शोरूम का शनिवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिनजी गडकरी ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखरजी बावनकुले भी उपस्थित थे। इस दौरान गडकरीजी ने कहा कि रोकडे ज्वैलर्स अब एक ब्रॉन्ड बन गया है, वह जहां कहीं भी जाएगा खूब चलेगा। उन्होंने कहा कि रोकड़े ज्वेलर्स अपनी विश्वसनीयता और साख को कायम रखते हुए ऐसे ही आगे बढ़ता रहेगा। गडकरीजी ने उम्मीद जताई कि स्पेशल इकनॉमिक जोन में रोकडे ज्वैलर्स आभूषणों का निर्यात करके उन्नति के मार्ग पर और आगे बढ़ेगा। जन्मदिन के मौके पर यहां बावनकुलेजी ने केक भी काटा। केंद्रीय मंत्री गडकरीजी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

लोगों को संबोधित करते हुए श्री राजेश रोकड़े।

रोकडे ज्वैलर्स, 1920 में अपनी स्थापना के बाद से परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि का पर्याय बन चुका है। सावनेर रोड,कोराड़ी पर स्थित मां महालक्ष्मी जगदंबा के आशीर्वाद से सुशोभित यह प्रतिष्ठान कोराडी, नागपुर और विदर्भ के लोगों की सेवा के लिए तैयार है। उद्घाटन के अवसर पर रोकडे ज्वैलर्स व्दारा शुरू किए गए विशेष बंपर ओपनिंग ऑफर को भारी प्रतिसाद मिला।

बताया सफलता का मंत्र

इस अवसर पर श्री राजेश रोकड़े ने गडकरीजी को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि मैं उनकी बताई हुई 5 बातें हमेशा याद रखता हूं- सबर,खबर,कदर,नजर और जिगर।उन्होंने कहा कि अब गडकरीजी के साथ बावनकुले जी भी हमारे पीछे खड़े हैं जिससे हमारा हौसला बढ़ा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले दिनों में रोकड़े ज्वेलर्स की शाखाएं और बढ़ेंगीं।

5 बड़ी खासियतें

1.रोकडे ज्वैलर्स  का 5 वां शोरूम 2000 वर्ग फुट में बनाया गया है।

2.यहा पारंपरिक भारतीय संस्कृति और आधुनिक कलात्मकता से प्रेरित आभूषणों का विशाल संग्रह है। शोरूम में सोना, चांदी, हीरा, प्लैटिनम, राशि रत्न और सोने और चांदी की पूजा की वस्तुएं शामिल हैं।

3.ग्राहकों की सुविधा के लिए एक सुंदर वास्तुशिल्प डिजाइन, आधुनिक सुविधाओं से लैस सुनियोजित पार्किंग भी बनाई गई है।

4.रोकडे ज्वैलर्स हैप्पी कस्टमर, लॉयल्टी गिफ्ट पॉइंट्स और डिजिटल गोल्ड जैसी योजनाओं के साथ नई पीढ़ी की बढ़ती प्राथमिकताओं को पूरा करता है।

5.रोकडे ज्वैलर्स केवल प्रमाणित आभूषण प्रस्तुत करता है, जिसमें 24kt (995) और 22kt (916) शुद्ध सोना और उच्चतम मानकों पर परीक्षण की गई चांदी (999) शामिल है। शाखा में परीक्षण के लिए कैरेटोमीटर सुविधा भी है।

 

 देवी के लिए बनाएंगे आभूषण

माता महालक्ष्मी जगदंबा की कृपा के कारण, रोकड़े ज्वैलर्स को माता मंदिर के लिए पवित्र वस्तुओं को तैयार करने का सौभाग्य मिला है, जिसमें गुम्बद, तलवार, त्रिशूल, चरण पादुका और आभूषण शामिल हैं।

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महाराष्ट्र के पूर्व सीएम मनोहर जोशी का निधन

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जन्म : 2 दिसंबर 1937, निधन 23 फरवरी 2024

मुंबई. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता मनोहर जोशी का  निधन हो गया है। उन्होंने रात 3 बजे हिंदुजा अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 86 वर्ष के थे। उन्हें गुरुवार को हार्ट अटैक के बाद हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया है कि 21 फरवरी को वह अस्वस्थ महसूस कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि मनोहर जोशी को दिल का दौरा पड़ा था। जानकारी के अनुसार, मनोहर जोशी का पार्थिव शरीर माटुंगा रूपारेल कॉलेज के पास स्थित उनके निवास पर सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक आखिरी दर्शन के लिए रखा जाएगा। दोपहर दो बजे के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सिविल इंजीनियर थे जोशी

2 दिसंबर 1937 को महाराष्ट्र के महाड में जन्मे जोशी ने मुंबई के प्रतिष्ठित वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (वीजेटीआई) से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया । जोशी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने से शुरू हुआ और बाद में वह शिव सेना के सदस्य बने। 1980 के दशक में जोशी शिवसेना के भीतर एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे।

बालासाहेब ठाकरे के थे खास

मनोहर जोशी हमेशा बालासाहेब ठाकरे के सबसे भरोसेमंद और करीबी नेताओं में से एक रहे हैं। यही वजह रही है कि उन्हें साल 1995 में महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया। वह संसद सदस्य के रूप में भी चुने गए और 2002 से 2004 तक लोकसभा अध्यक्ष रहे।

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आम आदमी की कहानी है ‘व्हाट- ए- किस्मत’

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1 मार्च को   रिलीज होगी फिल्म

मुंबई. कॉमेडी फिल्म ‘व्हाट- ए- किस्मत’ 1 मार्च को  रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म के हीरो युद्धवीर और हीरोइन वैष्णवी ने महाराष्ट्र खबर24 के साथ खास बातचीत में बताया कि यह एक फन फिल्म है जो एक आम आदमी की जिंदगी से जुड़ी हुई है। यह साफ-सुथरी फिल्म है। इसे परिवार के साथ देखा जा सकता है।

‘चांदनी बार’ और ‘गौर हरी दास्तां’ जैसी फिल्मों के पटकथा लेखक और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित मोहन आज़ाद इस फिल्म के निर्देशक हैं। सीहोर के वरिष्ठ समाज सेवी अखिलेश राय, लीसा  राय और  अंशय  फिल्म के निर्माता हैं। फ़िल्म के मुख्य अभिनेता युद्धवीर दहिया, वैष्णवी पटवर्धन, कपिल शर्मा फेम श्रीकांत मस्की, आनंद मिश्रा, सीहोर की होनहार प्रतिभा रिया चौधरी, अभिषेक सक्सेना आदि हैं।

टीम सीहोर इतिहास रचने तैयार

फिल्म के प्रोडक्शन मैनेजर का कार्य और सहायक पटकथा लेखक की जिम्मेदारी सीहोर के शैलेन्द्र गोहिया ने संभाली है, जो मुंबई में कार्यरत हैं। इस फिल्म की संपूर्ण शूटिंग सीहोर में ही की गई है। फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्टर विक्रांत भी सीहोर के ही हैं। फिल्म के कार्यकारी निदेशक शुजालपुर के अभिषेक सक्सेना हैं। यह फिल्म मध्यप्रदेश और विशेष रूप से सीहोर की फिल्म है। जिसमें सीहोर के प्रसिद्ध पर्यटक व धार्मिक स्थानों को भी दर्शाया गया है। उम्मीद की जा रही है कि फिल्म ‘व्हाट-ए-किस्मत’ सफलता के नए झंडे गाड़ेगी और सीहोर के साथ मध्यप्रदेश का भी नाम रोशन करेगी।

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19 साल से ‘लटका’ है पुल

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सरकारें बदलीं पर, किस्मत नहीं बदली

बरसात में लोग जान हथेली पर रखकर नदी को पार करते हैं

आसिफाबाद. रमेश सोलंकी. कुमरम भीम आसिफाबाद मंडल में गुंडी के ग्राम में नदी पर पुल का निर्माण अधूरा होने के कारण  ग्रामीणों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गुंडीवागु पुल का निर्माण 2005 में शुरू हुआ था।  करीब 19 साल हो गए हैं लेकिन अभी तक पुल लटका हुआ है। ग्रामवासियों को आसिफाबाद जाने-आने के लिए  नाव में बैठकर नदी पार करनी पड़ती है।

आसिफाबाद से गुंडी ग्राम जाने के लिए ग्रामीण ऑटो और बाइक नदी किनारे खड़ी करके तैरकर भी आना-जाना करते हैं। बारिश के मौसम मेंआसिफाबाद के कोमराम भीम प्रोजेक्ट के पानी का स्तर बढ़ने पर नदी में पानी का स्तर बढ़ जाता है। जिसके कारण  ग्रामीणों को आसिफाबाद को आने के लिए और आसिफाबाद से गुंडी ग्राम को जाने के लिए कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

नाव से आना – जाना पड़ता है 

ग्राम वासियों को नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। नाव वाले ₹20 प्रति व्यक्ति से वसूलते हैं। हर साल न केवल गुंडी गांव के लोगों को बल्कि नंदुपा, चोरपल्ली, कनारगाम और अन्य गांवों के लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र और मरीज बहुत परेशान है। नदी के दोनों और ऑटो वाले सवारियों का इंतजार करते हुए दिखाई देते हैं। जो बाइक से गांव जाने वाले बाइक को नदी किनारे  खड़ा करके नदी पार करके अपने गांव जाते हैं। उनको रात में  यह डर सताता है कि उनकी बाइक चोरी न हो जाए।

चुनाव के बाद भूल जाते हैं नेता

ग्राम वासियों का कहना है कि चुनाव के समय में नेता पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने का वादा करके ग्राम वासियों से वोट मांगते हैं और चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से अनुरोध किया है कि पुल का निर्माण जल्दी करें।

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