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आइने में छवि निहारेंगे रामलला

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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा ;23 दिन रह गए शेष

देखें-मैय्या सीता की साड़ी पर राम कथा का चित्रण

वेब डेस्क. नई दिल्ली. अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में 22 जनवरी  को होने वाले  प्राण प्रतिष्ठा समारोह की भव्य तैयारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और यूपी सरकार कर रही है। लेकिन 22 जनवरी को आम लोग के दर्शन की व्यवस्था नहीं होगी। अनुष्ठान के अंतिम दिन सबसे पहले रामलला स्वयं आइने में अपनी छवि निहारेंगे। भगवान को यह दर्पण पीएम नरेंद्र मोदी दिखायेंगे। इससे पहले मोदी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला के नेत्रों से पट्टी खोलेंगे, उन्हें सोने के सिक्के से काजल लगायेंगे और पंचोपचार पूजन कर आरती उतारेंगे।

 5 लोग रहेंगे मौजूद

प्राण प्रतिष्ठा के दौरान गर्भगृह में केवल पांच लोग रहेंगे। पीएम मुख्य यजमान होंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत, उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ व मुख्य आचार्य भी इसमें शामिल होंगे।

सोने से मढ़ा जा रहा सिंहासन

प्रभु रामलला के विग्रह के लिए बनाये गये सिंहासन को सोने से मढा जा रहा है। 3 फीट ऊंचा और 8 फीट चौड़ा यह सिंहासन मकराना संगमरमर से बना है। इस पर सोने की परत चढ़ाने के लिए विशेष तकनीक से तांबे का मूल ढांचा तैयार किया गया है।

22 जनवरी को घरों में दीपावली मनाएं : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या को नया रेलवे स्टेशन समर्पित कर दिया है। इस अवसर पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की कि 140 करोड़ देशवासी से प्रार्थना कर रहा हूं कि आप सभी 22 जनवरी को अपने घरों में श्री राम ज्योति जलाएं। दीपावली मनाएं। 22 जनवरी की शाम पूरा देश जगमग जगमग होना चाहिए।

प्रधानमंत्री  मोदी 22 जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा से पहले शनिवार को अयोध्या को रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की सौगात दी। पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है, ऐसे में अयोध्यावासी में यह उत्साह यह उमंग बहुत स्वाभाविक है। मैं भारत की मिट्टी के कण-कण और जन-जन का पुजारी हूं और आपकी तरह उतना ही उत्सुक हूं।

इस साड़ी को ध्यानपूर्वक देखिए इसे अयोध्या में माता सीताजी को समर्पित किया जाना है , पूरी साड़ी पर राम कथा चित्रित है जिसे धागों में पिरो कर बनाया गया है । अदभुत कलाकारी और समर्पण है कारीगरों का।

Creadit @ 251922

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19 साल से ‘लटका’ है पुल

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सरकारें बदलीं पर, किस्मत नहीं बदली

बरसात में लोग जान हथेली पर रखकर नदी को पार करते हैं

आसिफाबाद. रमेश सोलंकी. कुमरम भीम आसिफाबाद मंडल में गुंडी के ग्राम में नदी पर पुल का निर्माण अधूरा होने के कारण  ग्रामीणों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गुंडीवागु पुल का निर्माण 2005 में शुरू हुआ था।  करीब 19 साल हो गए हैं लेकिन अभी तक पुल लटका हुआ है। ग्रामवासियों को आसिफाबाद जाने-आने के लिए  नाव में बैठकर नदी पार करनी पड़ती है।

आसिफाबाद से गुंडी ग्राम जाने के लिए ग्रामीण ऑटो और बाइक नदी किनारे खड़ी करके तैरकर भी आना-जाना करते हैं। बारिश के मौसम मेंआसिफाबाद के कोमराम भीम प्रोजेक्ट के पानी का स्तर बढ़ने पर नदी में पानी का स्तर बढ़ जाता है। जिसके कारण  ग्रामीणों को आसिफाबाद को आने के लिए और आसिफाबाद से गुंडी ग्राम को जाने के लिए कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

नाव से आना – जाना पड़ता है 

ग्राम वासियों को नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। नाव वाले ₹20 प्रति व्यक्ति से वसूलते हैं। हर साल न केवल गुंडी गांव के लोगों को बल्कि नंदुपा, चोरपल्ली, कनारगाम और अन्य गांवों के लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र और मरीज बहुत परेशान है। नदी के दोनों और ऑटो वाले सवारियों का इंतजार करते हुए दिखाई देते हैं। जो बाइक से गांव जाने वाले बाइक को नदी किनारे  खड़ा करके नदी पार करके अपने गांव जाते हैं। उनको रात में  यह डर सताता है कि उनकी बाइक चोरी न हो जाए।

चुनाव के बाद भूल जाते हैं नेता

ग्राम वासियों का कहना है कि चुनाव के समय में नेता पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने का वादा करके ग्राम वासियों से वोट मांगते हैं और चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से अनुरोध किया है कि पुल का निर्माण जल्दी करें।

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अभी तक की बड़ी खबरें

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विशेष बुलेटिन में आपका स्वागत है। अभी तक की टॉप 6 खबरें जो सुर्खियों में रहीं।

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अब आपकी जिंदगी होगी और आसान

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भविष्य में आपको बहुत से घर के काम से छुट्‌टी मिल जाएगी। क्योंकि अब ऐसे रोबोट बनाए जा रहें हैं जो घरेलू कामों में आपकी मदद करेंगे। एलन मस्क ने एक ट्वीट किया है जिसमें दिखाया जा रहा है कि एक रोबोट बिना किसी की मदद से इंसान की तरह कपड़े फोल्ड कर रहा है। इसके अलावा ये रोबोट कपड़े साफ कर सकता है, वैक्यूम कर सकता है, पोछा लगा सकता है, बाथरूम और शौचालय साफ कर सकता है, रसोई साफ कर सकता है और बगीचे में पानी भी डाल सकता है। है ना मददगार….

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