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ग्रामीण युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : गडकरी

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“स्किल्स ऑन व्हील्स – कौशल वाहिनी” लॉन्‍च

नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि ग्रामीण युवाओं को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने से रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। “स्किल्स ऑन व्हील्स – कौशल वाहिनी” के फ्लैग ऑफ़ समारोह को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि डिजिटल रूप से सुसज्जित यह वाहन द इंस्टीट्यूशन ऑफ सिविल इंजीनियर्स सोसाइटी (आईसीईएस) के सहयोग से सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा शुरू की गई एक सीएसआर परियोजना है। इस अवसर पर सोलार इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष सत्यनारायण नुवाल, आईसीईएस के अध्यक्ष डा. एस.एल. स्वामी के साथ नगर पंचायत कोराडी के राजेश रंगारी, आईसीईएस की महानिदेशक माया ठाकुर समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इस अनूठी पहल के लिए सोलर इंडस्ट्रीज और आईसीईएस की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जो प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।यह  एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जो जीवन और समुदायों को बदलने का वादा करती है ।

सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष सत्यनारायण नुवाल ने शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने नितिन गडकरी को उनके समर्थन और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया। तो आईसीईएस के अध्यक्ष डॉ. एस.एल.स्वामी   ने बताया कि तीन माह में 1200 युवाओं को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षण में बुनियादी कंप्यूटर से लेकर साइबर सुरक्षा तक को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि साथ ही अभिभावकों को साइबर साक्षरता के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

क्या है “कौशल वाहिनी”

  • यह एक अत्याधुनिक वातानुकूलित बस है, जो कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए आवश्यक उपकरणों और इंटरनेट कनेक्टिविटी से सुसज्जित है।
  • यह कौशल वाहिनी न केवल लक्षित समूहों को सूचना प्रदान करेगी, बल्कि शाम के समय निर्धारित स्थानों पर जनता के लिए भी उपलब्ध होगी।
  • इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को डिजिटल-आधारित सेवाओं से लाभ उठाने के अवसर प्रदान करना, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करना और कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाना है।

1200 ट्रेनीज होंगे  कवर

यह कौशल वाहिनी महादुला, वालनी, देवलापार तलोधी, मनसर, नागलवाड़ी, अदासा, बड़ेगांव, धापेवाड़ा, कामठी, खापा और कोराडी आदी स्थानों पर जाएगी। प्रत्येक स्थान पर 7 दिनों के लिए वाहिनी तैनात रहेगी, जिसमें प्रत्येक स्थान पर 30 प्रतिभागियों के 5 बैचों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें प्रत्येक स्थान लगभग 150 उम्मीदवार होंगे और 1200 प्रशिक्षुओं को कवर किया जाएगा। एनएसडीसी भागीदार के रूप में, आईसीईएस सफल उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र जारी करेगा और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा।

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महाराष्ट्र के पूर्व सीएम मनोहर जोशी का निधन

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जन्म : 2 दिसंबर 1937, निधन 23 फरवरी 2024

मुंबई. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता मनोहर जोशी का  निधन हो गया है। उन्होंने रात 3 बजे हिंदुजा अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 86 वर्ष के थे। उन्हें गुरुवार को हार्ट अटैक के बाद हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया है कि 21 फरवरी को वह अस्वस्थ महसूस कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि मनोहर जोशी को दिल का दौरा पड़ा था। जानकारी के अनुसार, मनोहर जोशी का पार्थिव शरीर माटुंगा रूपारेल कॉलेज के पास स्थित उनके निवास पर सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक आखिरी दर्शन के लिए रखा जाएगा। दोपहर दो बजे के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सिविल इंजीनियर थे जोशी

2 दिसंबर 1937 को महाराष्ट्र के महाड में जन्मे जोशी ने मुंबई के प्रतिष्ठित वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (वीजेटीआई) से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया । जोशी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने से शुरू हुआ और बाद में वह शिव सेना के सदस्य बने। 1980 के दशक में जोशी शिवसेना के भीतर एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे।

बालासाहेब ठाकरे के थे खास

मनोहर जोशी हमेशा बालासाहेब ठाकरे के सबसे भरोसेमंद और करीबी नेताओं में से एक रहे हैं। यही वजह रही है कि उन्हें साल 1995 में महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया। वह संसद सदस्य के रूप में भी चुने गए और 2002 से 2004 तक लोकसभा अध्यक्ष रहे।

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आम आदमी की कहानी है ‘व्हाट- ए- किस्मत’

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1 मार्च को   रिलीज होगी फिल्म

मुंबई. कॉमेडी फिल्म ‘व्हाट- ए- किस्मत’ 1 मार्च को  रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म के हीरो युद्धवीर और हीरोइन वैष्णवी ने महाराष्ट्र खबर24 के साथ खास बातचीत में बताया कि यह एक फन फिल्म है जो एक आम आदमी की जिंदगी से जुड़ी हुई है। यह साफ-सुथरी फिल्म है। इसे परिवार के साथ देखा जा सकता है।

‘चांदनी बार’ और ‘गौर हरी दास्तां’ जैसी फिल्मों के पटकथा लेखक और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित मोहन आज़ाद इस फिल्म के निर्देशक हैं। सीहोर के वरिष्ठ समाज सेवी अखिलेश राय, लीसा  राय और  अंशय  फिल्म के निर्माता हैं। फ़िल्म के मुख्य अभिनेता युद्धवीर दहिया, वैष्णवी पटवर्धन, कपिल शर्मा फेम श्रीकांत मस्की, आनंद मिश्रा, सीहोर की होनहार प्रतिभा रिया चौधरी, अभिषेक सक्सेना आदि हैं।

टीम सीहोर इतिहास रचने तैयार

फिल्म के प्रोडक्शन मैनेजर का कार्य और सहायक पटकथा लेखक की जिम्मेदारी सीहोर के शैलेन्द्र गोहिया ने संभाली है, जो मुंबई में कार्यरत हैं। इस फिल्म की संपूर्ण शूटिंग सीहोर में ही की गई है। फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्टर विक्रांत भी सीहोर के ही हैं। फिल्म के कार्यकारी निदेशक शुजालपुर के अभिषेक सक्सेना हैं। यह फिल्म मध्यप्रदेश और विशेष रूप से सीहोर की फिल्म है। जिसमें सीहोर के प्रसिद्ध पर्यटक व धार्मिक स्थानों को भी दर्शाया गया है। उम्मीद की जा रही है कि फिल्म ‘व्हाट-ए-किस्मत’ सफलता के नए झंडे गाड़ेगी और सीहोर के साथ मध्यप्रदेश का भी नाम रोशन करेगी।

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19 साल से ‘लटका’ है पुल

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सरकारें बदलीं पर, किस्मत नहीं बदली

बरसात में लोग जान हथेली पर रखकर नदी को पार करते हैं

आसिफाबाद. रमेश सोलंकी. कुमरम भीम आसिफाबाद मंडल में गुंडी के ग्राम में नदी पर पुल का निर्माण अधूरा होने के कारण  ग्रामीणों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गुंडीवागु पुल का निर्माण 2005 में शुरू हुआ था।  करीब 19 साल हो गए हैं लेकिन अभी तक पुल लटका हुआ है। ग्रामवासियों को आसिफाबाद जाने-आने के लिए  नाव में बैठकर नदी पार करनी पड़ती है।

आसिफाबाद से गुंडी ग्राम जाने के लिए ग्रामीण ऑटो और बाइक नदी किनारे खड़ी करके तैरकर भी आना-जाना करते हैं। बारिश के मौसम मेंआसिफाबाद के कोमराम भीम प्रोजेक्ट के पानी का स्तर बढ़ने पर नदी में पानी का स्तर बढ़ जाता है। जिसके कारण  ग्रामीणों को आसिफाबाद को आने के लिए और आसिफाबाद से गुंडी ग्राम को जाने के लिए कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

नाव से आना – जाना पड़ता है 

ग्राम वासियों को नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। नाव वाले ₹20 प्रति व्यक्ति से वसूलते हैं। हर साल न केवल गुंडी गांव के लोगों को बल्कि नंदुपा, चोरपल्ली, कनारगाम और अन्य गांवों के लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र और मरीज बहुत परेशान है। नदी के दोनों और ऑटो वाले सवारियों का इंतजार करते हुए दिखाई देते हैं। जो बाइक से गांव जाने वाले बाइक को नदी किनारे  खड़ा करके नदी पार करके अपने गांव जाते हैं। उनको रात में  यह डर सताता है कि उनकी बाइक चोरी न हो जाए।

चुनाव के बाद भूल जाते हैं नेता

ग्राम वासियों का कहना है कि चुनाव के समय में नेता पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने का वादा करके ग्राम वासियों से वोट मांगते हैं और चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से अनुरोध किया है कि पुल का निर्माण जल्दी करें।

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