Saturday, May 21, 2022
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मेरी आवाज ही पहचान है……

डॉ.शांतनु शर्मा/अरविन्द तिवारी . क्या कहें, कैसे कहें- शब्द ही नहीं हैं। सोशल मीडिया और टीवी पर तस्वीर देखकर इन आंखों पर विश्वास करने का मन नहीं हो रहा। आखिरी तस्वीर में महान गायिका तिरंगे में लिपटे दिखाई दे रहीं हैं। मन मान ही नहीं रहा है। ऐसा लग रहा है कि ये सब एक झूठा सपना निकले और लता दीदी उठकर फिर से अपनी मधुर आवाज में एक गाना सुना दें।

कल की ही तो बात है खबर आई लता जी की  तबियत बिगड़ गई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिर खबर आई उनकी तबियत ठीक हो गई है। जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। राहत मिली…पर ये क्या सुबह –सुबह उनके निधन की खबर आ गई। हम कितने ही कागज काले कर लें परंतु सच यही है कि अब लता दीदी कभी वापस नहीं आएंगी।

लता जी हर दिल अजीज थीं। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। अंतिम विदाई में हुजूम उमड़ पड़ा। फेसबुक, व्हाटसअप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम श्रद्धांजलि के मैसेजेस से अटे पड़े हैं।केंद्र सरकार ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुये दो दिन (06 फरवरी से 07 फरवरी) का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। महाराष्ट्र सरकार ने कल यानी सोमवार को अवकाश की घोषणा की है।

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लता मंगेशकर पंचतत्व में विलीन

अस्पताल से लता मंगेशकर का पार्थिव शरीर उनके पेडर रोड स्थित निवास ‘प्रभुकुंज’ लाया गया। जहां उनके अंतिम दर्शन करने के लिये सदी के महानायक अमिताभ बच्चन , क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर , अभिनेता अनुपम खेर और लेखक जावेद अख्तर सहित कई सेलिब्रिटीज पहुंचे ।

इसके बाद तिरंगे में लिपटे पार्थिव को मिलिट्री वाहन में रखा गया। अंतिम यात्रा के दौरान रास्ते भर सभी ने अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। देर शाम शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

भतीजे आदित्य ने दी मुखाग्नि 

अंतिम विदाई में गीता पाठ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया गया। लता मंगेशकर को पुलिस पलटन और आर्मी पलटन की तरफ से 12- 12 राइफल्स की सलामी “गार्ड ऑफ ऑनर” दी गई। लता मंगेशकर के पार्थिव शरीर से तिरंगा हटाकर तिरंगे को परिवार को सौंप दिया गया।

आठ पंडितों के द्वारा उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद लता जी को उनके भतीजे आदित्य ने मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी , मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्य मंत्री आदित्य ठाकरे , अभिनेता शाहरुख ख़ान और  क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर , गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल सहित कई राजनेताओं एवं सेलिब्रिटीज ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर भारत रत्न लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी।

रैली छोड़ मुंबई पहुंचे पीएम मोदी

स्वर कोकिला के निधन की खबर मिलते ही पीएम मोदी ने गोवा में अपनी वर्चुअल रैली निरस्त कर दी और तुरंत मुंबई पहुंचे। लता जी के सम्मान में भाजपा ने उत्तरप्रदेश चुनाव के लिये घोषणा पत्र जारी करने का कार्यक्रम टाल दिया गया। वहीं भारत बनाम वेस्ट इंडीज के पहले ओडीआई में लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिये रोहित की अगुवाई वाली टीम काले रंग की पट्टी बांधकर मैदान में उतरी।

ममता बनर्जी ने ऐसे दी श्रद्धांजलि

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में अगले 15 दिन तक हर सार्वजनिक स्थान , सरकारी ऑफिसों और ट्रैफिक सिग्नलस पर लता मंगेशकर के गाने बजाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही वहीं प. बंगाल सरकार ने कल यानी 7 फरवरी को हाफडे की छुट्टी का ऐलान किया है।

विदर्भ और छग से रहा है गहरा नाता 

 “अग्रचिंतन” पत्रिका के प्रकाशक व प्रबंध संपादक दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मैं और असंख्य नागपुरवासी सौभाग्यशाली रहे हैं जिन्होंने इस स्वर कोकिला सरस्वती के साक्षात दर्शन किए हैं। कुछ वर्ष पूर्व नागपुर विधान भवन के प्रांगण में लता दीदी का नागरिक सम्मान आयोजित किया गया था।

नागपुर और विदर्भ की तमाम बड़ी हस्तियां इस गरिमामय आयोजन में शामिल थीं। इस दौरान लता जी ने मराठी में एक कविता ‘पसायदान’ को गाया था। नागपुर के नागरिकों की ओर से उनका भावभीना स्वागत किया गया था। लताजी को चांदी से बनी वीणा भी भेंट की गई थी। नागपुर से लता जी की अनेक स्मृतियां जुड़ी हुई हैं।

वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी ने बताया कि मुंबई के स्टूडियो में लता दीदी ने 22 फरवरी 2005 को छत्तीसगढ़ी गीत छूट जाही अंगना अटारी…. छूटही बाबू के पिठइया की रिकॉर्डिंग की थी। छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘भखला’ के लिये गाये इस गीत को लता ने छत्तीसगढ़ी बोली में ही गाया था। वहीं छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय ने लता मंगेशकर को 09 फरवरी 1980 को डी-लिट की उपाधि से नवाजा था।

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