नागपुर में लघु फिल्मों ‘बरसाती’ और ‘इमेजिनरी होम्स’ की स्क्रीनिंग

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मेराकी परफॉर्मिंग आर्टस् ऑर्गनाइजेशन का आयोजन

नागपुर. राष्ट्रभाषा प्रचार समिती में  रविवार 24 अप्रैल को ‘बरसाती’ और ‘इमेजिनरी होम्स’ शॉर्ट फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। इस दौरान दोनों  फिल्मों के बारे में बातचीत भी की गई।‘बरसाती’ जीवन के एक टुकड़े की तरह थी जहां  दो अजनबियों के बीच बातचीत हुई जो छत  के बाहर एक कप चाय का आनंद ले रहे हैं। वाइड शॉट्स के बदले मिड शॉट्स की पसंद ने स्पेस और करैक्टर इंटिमेसी को चित्रित किया। इसने जीवन की छोटी-छोटी बातों और बेरोज़गारी के कारण होने वाली ऊब को दर्शाया। पात्रों के नीरस स्वर और स्पेस  के कारण नज़र आती दूरियों ने मणि कौल की कला ने समान भावना पैदा की।इमेजिनरी होम्स के लिए, प्रिया ने फिल्म के बारे में अपने शोध के बारे में बताया और कैसे उन्होंने फिल्म के एक नए रूप तक पहुंचने की कोशिश की।

‘इमेजिनरी होम्स’ मे घर की नौकरानी के साथ एक बूढ़ी औरत के रिश्ते को अतीत की यादों के माध्यम से वर्तमान में दृष्टिगत रूप से बताया गया था। एक सामाजिक कार्यकर्ता के ट्रामा, हिंसा का शांत चित्रण और दो गर्भवती पेट वाली महिला जैसी छवियों का वर्णन नज़र आता है। क्लॉस्ट्रोफोबिया जैसे दृश्य का गहरा प्रभाव पड़ता है।हालांकि विषयों पर गहराई से शोध किया गया था, लेकिन विकल्प केवल अनैकडोट्स  को दिखाना था। अनैकडोट्स मोनोलॉग और बातचीत के साथ छवियों और ध्वनियों के माध्यम से एक निश्चित प्रकार की भावना पैदा करते हैं।इस स्क्रिनिंग के लिये फिल्म मे रुची रखने वाले दर्शक प्रमुख रूप से उपस्थित रहकर उन्होंने फिल्म का लुफ्त उठाया।कार्यक्रम के आयोजक मेराकी परफॉर्मिंग आर्टस् ऑर्गनायझेशन थे।

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