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क्यों केंद्रीय मंत्री गडकरी से उद्योगपतियों ने कहा, IMS अजनी जरूरी, जानें यहां

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 क्यों केंद्रीय मंत्री गडकरी से उद्योगपतियों ने कहा, IMS अजनी जरूरी, जानें यहां

नागपुर . अजनी  में प्रस्तावित इंटर मॉडल स्टेशन (IMS) परियोजना को लेकर शहर के उद्योग एवं व्यापारी संगठन एकजुट हुए हैं और उन्होंने इसका जोरदार समर्थन किया है। बता दें कि  हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि नागरिकों की इच्छा नहीं होने के कारण हम अजनी में प्रस्तावित इंटर मॉडल स्टेशन (IMS) की परियोजना को छोड़ देंगे ।

 इसके बाद IMS को खापरी में स्थानांतरित करने का सुझाव भी दिया गया। लेकिन व्यापारी संगठनों के नेताओं का कहना है कि विदर्भ के विकास के लिए IMS अजनी में ही बनना चाहिए। क्योंकि इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और नए उद्योग स्थापित होंगे।

उनका कहना है कि खापरी में IMS का स्थानांतरण इसके उद्देश्य को पूरी तरह से विफल कर देगा । कॉनकोर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क (ICD) खापरी स्टेशन के करीब है तथा उस क्षेत्र में हर महीने लगभग 6000-8000 टेलर चलते हैं, भारी वाहनों की यातायात खापरी में IMS को विकसित करने हेतु अव्यवहारिक बना देता है। इसलिए इसे खापरी में स्थानांतरित करना कोई समाधान नहीं हैं । 

इंटर सिटी ट्रेन या बस का उपयोग करने वाले नागरिकों को शहर के इलाकों से औसतन 8-10 किलोमीटर की यात्रा करनी पडेगी, जिससे शहर में भारी प्रदूषण और ट्राफिक जाम की समस्या उत्पन्न होगी ।

शहर की प्रमुख संस्थाओं बूटीबोरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (BMA), एमआईडीसी इंडस्ट्रीज् एसोसिएशन (MIA), नागपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स लि. (NCCL), नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स (NVCC), विदर्भ इकॉनोमिक डवलपमेंट काउन्सिल (VED), विदर्भ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (VIA) तथा विदर्भ टैक्सपेयर्स एसोसिएशन (VTA) ने नागपुर स्थित अजनी क्षेत्र में प्रस्तावित IMS परियोजना को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।

महा विदर्भ जनजागरण ने नितिन रोंघे के माध्यम से तथा विदर्भ डिफेंस इंडस्ट्रीज् एसोसिएशन ने दुष्यंत देशपांडे के माध्यम से IMS अजनी को अपना समर्थन घोषित किया है। उद्योग एवं व्यापार संगठन ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से अनुरोध किया कि नागपुर शहर के लिए अतिआवश्यक इस परियोजना को जारी रखें । 

अजनी की सैटेलाइट तस्वीरें साझा की

एक नागरिक अशोक पटेल ने हमें सन 1965-67 के बीच अजनी की सैटेलाइट व्दारा ली गई तस्वीरें साझा की, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के स्पाय सैटेलाइट  की कोरोना श्रृंखला द्वारा ली गई थी, जो 1960 के दशक में शुरु थी । 

उन फोटोज को अब अवर्गीकृत कर दिया गया है तथा अब वे जनता के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने  तस्वीरें साझा करते हुए बताया इससे पता चलता है कि अजनी क्षेत्र जंगल नहीं था, जैसा की इसे अजनी वन के रुप में टैग करके हाईलाइट किया जा रहा है।

क्या है IMS

  • यह एक यात्री टर्मिनल इंन्फ्रास्ट्रक्चर हैं, जो विभिन्न परिवहन जैसे रेल, सड़क, मॉस रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS), बस रेपिड ट्रांजिट (BRT) तथा पैरा-मॉडल को एकीकृत करता है।
  •  इंटर माडल स्टेशन यात्रियों को स्टेशन परिसर से बाहर निकले बिना ही ट्रांजिट के दौरान परिवहन मोड बदलने की अनुमति देता है।

ये होगा फायदा

  •  शहर में परिवहन नोड्स के एकत्रीकरण व्दारा शहर से बाहर जाने वाले व बाहर से आने वाले यात्रियों के कारण शहर में होने वाली भीड़  कम होगी। 
  • IMS में विभिन्न परिवहन  एक ही छत के नीचे से कंट्रोल होंगे जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। 

खास बातें

  • IMS को प्रतिदिन 3.24 लाख यात्रियों के लक्ष्य के साथ डिजाइन किया गया है।
  • अंदर प्रथम चरण में 44.4 एकड़ तथा व्दितीय चरण में 149 एकड़  क्षेत्र में विकसित किया जाएगा ।
  • 1.1 मिलियन वर्ग फुट का विकास नियोजित किया गया है, जिसमें टर्मिनल बिल्डिंग, सामान्य सुविधाएँ जैसे प्रतीक्षालय , शौचालय, लाऊंज, फुड कोर्ट, टिकट काऊंटर होंगे।
  • बाहर 2.6 मिलियन वर्गफुट में बस बेज्, ट्रांसिट प्लॅटफार्म, पार्किंग आदि की योजना बनाई गई है।
  • IMS में अजनी स्टेशन के 3 प्लेटफार्म का विस्तार करते हुए 7 प्लेटफॉर्म्स, 140 बस वे इन्फ्रास्ट्रक्चर, अलग अलग आगमन व प्रस्थान फ्लोर भी होंगे ।

अजनी IMS का प्रस्तावित मॉडल

प्रेस कांफ्रेस में प्रदीप खंडेलवाल अध्यक्ष, शशिकांत कोठारकर मानद सचिव,बीएमए-सी जी शेगाँवकर अध्यक्ष, सचिन जैन  सचिव,एमआईए-सीए कैलास जोगानी अध्यक्ष, तरुण निर्बाण सचिव,एनसीसीएल,अश्विन प्रकाश मेहाडिया अध्यक्ष, रामअवतार तोतला सचिव, एनवीसीसी- शिवकुमार राव अध्यक्ष,सीए वरुण विजयवर्गी सचिव,वेद- सुरेश राठी अध्यक्ष, गौरव सारडा सचिव,वीआईए- श्रवण कुमार मालू अध्यक्ष, तेजिंदर सिंग रेणु सचिव,वीटीए सहित एनवीसीसी के फारुक अकबानी, सचिन पुनियानी,  राजवंतपाल सिंग तुली,बीएमए के ईशांत गोयल, वीआईए के पंकज भोकारे, वीटीए के हेमंत त्रिवेदी व अमरजीत सिंग चावला भी उपस्थित थे।

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NAGPUR

नागपुरकरों के लिए शेयर ऑटो सुविधा

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महामेट्रो का नए साल का तोहफा

नागपुर. अब नागपुरकरों के लिए मेट्रो स्टेशन तक पहुंचना और यात्रा के बाद गंतव्य तक पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा। क्योंकि अब महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने यात्रियों के लिए सोमवार से शेयर ऑटोरिक्शा की व्यवस्था कर दी है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के  प्रस्ताव को हाल ही में कलेक्टर की अध्यक्षता वाली परिवहन समिति ने मंजूरी दे दी है और नए साल में महामेट्रो द्वारा यह सेवा शुरू की जाएगी। इससे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचना और मेट्रो से यात्रा कर गंतव्य तक पहुंचना बहुत सुविधाजनक हो जाएगा। यह नागपुर के लोगों के लिए नए साल का उपहार होगा। महामेट्रो नए साल में यात्रियों के लिए शेयर ऑटो सेवा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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कांग्रेस MLA सुनील केदार को झटका

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बैंक घोटाले में 5 साल की सजा, 21 साल बाद आया फैसला

नागपुर. पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता सुनील केदार की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। बहुचर्चित नागपुर जिला बैंक घोटाला मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है। नागपुर की विशेष अदालत ने कांग्रेस विधायक सुनील केदार और पांच अन्य को दोषी ठहराया है। जबकि सबूतों के अभाव में तीन अन्य को बरी कर दिया है। इस मामले में केदार को 5 साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही 12.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा है। नागपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (एनडीसीसीबी) घोटाला मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने शुक्रवार को सावनेर से कांग्रेस विधायक सुनील केदार को 150 करोड़ रुपये के घोटाले में दोषी ठहराया है। घोटाले के अन्य आरोपियों को भी सजा सुनाई गई है। महाविकास अघाडी (एमवीए) सरकार में मंत्री रहे सुनील केदार से जुड़े इस मामले में दो दशक से अधिक समय बाद फैसला आया है।

केदार समेत 11 आरोपी थे मौजूद

 

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति पेखले-पुरकर की अदालत में दोषियों को सजा सुनाई गई। सुनवाई के दौरान केदार के अलावा अन्य आरोपी भी अदालत में मौजूद थे। जांच एजेंसी की चार्जशीट में केदार और 11 अन्य आरोपियों पर आईपीसी की धारा 406, 409, 468, 471, 120-बी और 34 के तहत आरोप लगाए गए थे। आरोपियों में बैंक के पूर्व महाप्रबंधक अशोक चौधरी, तत्कालीन मुख्य अकाउंटेंट सुरेश पेशकर, महेंद्र अग्रवाल, श्रीप्रकाश पोद्दार, सुबोध भंडारी, कानन मेवावाला, नंदकिशोर त्रिवेदी, अमित वर्मा और मुंबई के स्टॉकब्रोकर केतन सेठ शामिल हैं। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्रवाल के मामले पर रोक लगाई थी, जबकि मेवावाला फरार है।

क्या है मामला

2002 में जब 150 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था तब कांग्रेस नेता बैंक के अध्यक्ष थे। सीआईडी के तत्कालीन उपाधीक्षक किशोर बेले इस घोटाले के जांच अधिकारी हैं। जांच पूरी कर उन्होंने 22 नवंबर 2002 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। तभी से विभिन्न कारणों से सुनवाई पूरी नहीं हो सकी और मामला लंबित था।

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24 घंटे में 3.4 डिसे लुढ़का पारा

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विदर्भ में गोंदिया सबसे ठंडा

नागपुर. स्मार्टसिटी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पूरे विदर्भ में सबसे ठंडे शहरों में नागपुर तीसरे स्थान पर है जबकि गोंदिया पहले स्थान पर है ।नागपुर में पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 3.4 डिसे लुढ़का है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 2 दिनों में 2 से 3 डिसे. पारा लुढ़क सकता है जिससे ठंड और बढ़ेगी। मंगलवार को गोंदिया में न्यूनतम तापमान 9 डिसे, यवतमाल में 9.1 और नागपुर में 9.8 डिसे दर्ज किया गया है। विदर्भ के सभी शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

कहां, कितनी ठंड

शहर      न्यूनतम तापमान

गोंदिया             9.0

यवतमाल           9.1 

 नागपुर              9.4

 वाशिम            10.0 

 चंद्रपुर              11.0

  वर्धा                 11.4

 अमरावती        12.5

बुलढाणा           12.8

अकोला             13.5

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